बुधवार, अक्टूबर 13, 2010

जवान बने रहने के नुस्खे


लंबे समय तक यंग बने रहने की चाह हर किसी की होती है। लोगों की इसी चाह को पूरा करने के लिए कंपनियां यंग बनाए रखने वाले कई तरह के इंजेक्शन व सर्जरी समय- समय पर प्रेजेंट करती रहती हैं। इसी कड़ी में हाल ही में एक ऐसी दवा ईजाद की गई है, जो आपको लंबे समय तक यंग बनाए रख सकती है।
दो साल बाद बढ़ती उम्र आपकी मुट्ठी में होगी। आप सोच रहे होंगे कि आखिर कैसे? तो हम आपको बता दें कि साल 2012 तक बढ़ती उम्र को रोकने के लिए आपको किसी पैक या इंजेक्शन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि आपको यंग बनाए रखने वाली दवाएं आपके आसपास केमिस्ट की दुकानों में ही मिलनी शुरू हो जाएंगी। होली ग्रैलेन नाम की इस पिल को बनाने वाले मास्को यूनिवर्सिटी के प्रफेसर ब्लादीमिर स्कुलाचेव का कहना है कि यह दवा बॉडी सेल्स पर ऑक्सिजन के डैमेजिंग इफेक्ट को रोककर रखती है। इससे बढ़ती उम्र के साथ आने वाली बीमारियां आपके पास नहीं फटकती, जिससे जाहिर है कि आप लंबे समय तक यंग बने रह सकते हैं।
नोबेल प्राइज विनर डॉ. गुंटर ब्लोबेल का मनाना है कि बढ़ती उम्र के लिए ऑक्सिडेटिव डैमेज बड़ा फैक्टर है और अभी तक ऐसा एंटी- ऑक्सीडेंट डिवेलप नहीं किया गया था। असल में हमारे शरीर में जो सेल्स हैं, उन्हें एनर्जी एक्सचेंज प्रोसेस के दौरान ऑक्सिजन की जरूरत पड़ती है। लेकिन ऑक्सिजन शुद्ध होना बेहद जरूरी है, क्योंकि अगर यह ऐक्टिव या जहरीले फॉर्म में होगी, तो सेल्स को नष्ट भी कर सकती है। दरअसल, नेचरल एंटी- ऑक्सीडेंट्स इस प्रोसेस को स्लो तो कर डालते हैं, लेकिन इसका कोई लंबा प्रभाव नहीं रहता।
वहीं स्कुलाचेव के मुताबिक, 99 पर्सेंट मौकों पर ऑक्सिजन हार्मलेस वॉटर में बदल जाता है, लेकिन मात्र 1 पर्सेंट सुपर- ऑक्साइड में बदलता है और यही बाद में नुकसानदेह बन जाता है। इसीलिए किसी ऐसे एंटी- ऑक्सीडेंट को ढूंढने की जरूरत थी, जो इस प्रोसेस को रोक सके। पूरे 40 सालों की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने खास एंटी- ऑक्सीडेंट्स क्रिएट किए और इन्हें 'स्कुलाचेव्स आयन्स' नाम दिया। ये हमारे सेल्स के भीतर के ऑक्सिजन के डैंजरस फॉर्म को न्यूट्रलाइज कर देते हैं। स्कुलाचेव का कहना है कि किसी तरह के साइड इफेक्ट से बचाने की कोशिश इस प्रोसेस का सबसे मुश्किल हिस्सा है। इसलिए वह क्लिनिकल टेस्टिंग को दो साल और देना चाहते हैं। इसमें हिस्सा लेने के लिए हजारों लोगों ने खुद को रजिस्टर कराया है।
खैर , किसी चमत्कारी मेडिसिन की तलाश अलग बात है और अगर ऐसी दवाई खोज भी ली गई , तो वह कितनों तक पहुंच पाएगी , यह सोचने की बात है ! फिर क्यों न हम कोई ऐसा उपाय तलाशें , जो हम सबके वश में हो। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे कारगर टिप्स , जो आपको लंबे समय तक यंग बनाए रख सकते हैं :
खुश रहें
एक स्टडी के बाद पता चला है कि अगर आप खुश रहते हैं तो किसी गंभीर बीमारी के हो जाने के बाद भी जल्दी ठीक हो सकते हैं। सीनियर फिजीशियन डॉ . वरुण मेहरा बताते हैं , ' आपका स्ट्रेस लेवल आपकी इम्यूनिटी को सीधा प्रभावित करता है। अपनी जिंदगी में उन चीजों की जगह बनाइए , जिनका साथ आप पसंद करते हैं। मेडिटेशन और एक्सरसाइज कीजिए , इससे तनाव कम होता है। हंसने का कोई भी मौका मत चूकिए , क्योंकि त्यौरियां चढ़ाने से स्किन में रिंकल्स पड़ जाते हैं।
फल - सब्जियां खाएं
रिसर्च से साबित हो गया है कि टॉक्सिंस और मेटाबॉलिज्म की वजह से हुआ ऑक्सीडेटिव डैमेज सेल्युलर लेवल पर एजिंग प्रोसेस को बढ़ावा देता है। लेकिन हाई एंटीऑक्सीडेंट्स फूड्स हमें इससे बचाते हैं। इसलिए खूब सारी सब्जियां और फल अपनी डाइट में शामिल करें। फलों से मिलनेवाले विटामिन सी से स्किन यंग बनी रहती है और आप डिहाइड्रेशन से भी बचे रहते हैं। याद रखिए कि यही काम फूड सप्लीमेंट्स नहीं कर सकते।
शुगर को ना - ना
अगर आपको शुगर है , तो उसे एक्सरसाइज और डाइट से कंट्रोल करके चलें। अगर शुगर का बैलेंस नहीं रह पाता है , तो इसका सीधा असर आपकी उम्र पर पड़ता है।
नींद हो पूरी
कितने घंटे सोया जाए , यह हर इंसान के लिए अलग हो सकता है। लेकिन 6 से 8 घंटे की नींद सबके लिए जरूरी है। लेकिन दिनभर खर्राटे भरना भी ठीक नहीं है। क्योंकि रिसर्च के बाद यह भी साबित हो गया कि ज्यादा सोने से उम्र घटती है।
सनस्क्रीन प्रोटेक्शन
बिना सनस्क्रीन और सनग्लासेज के खुली धूप में मत घूमिए। दरअसल , यूवी रेडिएशन आपकी स्किन के लिए बेहद नुकसानदेह होती हैं।
धुएं में न उड़ाएं
स्मोकिंग कम उम्र में आपको एजेड दिखाने लगता है। यही नहीं , यह उम्र को भी कम कर देता है। इसलिए प्राइमरी या सेकंडरी - किसी भी लेवल पर स्मोकिंग से दूरी बनाकर रखिए।
मेंटल एक्सरसाइज
आपको यंग बनाए रखने में मेंटल कंडिशन का रोल अहम होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप सारा दिन क्रॉसवर्ड और पजल्स में उलझें रहें। न्यूरोसाइंटिस्ट और कॉग्निटिव एजिंग स्पेशलिस्ट डॉ . एडम गैजली का कहना है कि 60 की उम्र के बाद भी अगर आप ट्रैवलिंग और नई लैंग्वेज सीखने को इंजॉय करते हैं , तो मेंटली फिट रहते हैं।
ऑलिव ऑयल
इसमें हेल्दी फैट्स होते हैं। बैड फैट्स से बचने और हेल्दी हार्ट के लिए इसे आज ही अपनी डाइट में शामिल करें।
टीवी से दुश्मनी
कोई न कोई शो सबको पसंद होता है। लेकिन अगर आप हफ्ते में कम से कम पांच घंटे टीवी देखते हैं और सोफे में ही चिपके रहते हैं , तो आप सोच सकते हैं कि आपके हेल्थ की क्या हालत होगी। हालत ठीक नहीं होगी , तो नैचरल आप भी फिट नहीं रह सकते।
राइट डाइट
साबुत अनाज खाइए। अंकुरित दालें हेल्थी रहने के लिए बेहतर ऑप्शन है। हेल्थ ठीक रहेगी , तो नैचरल आप लंबे समय तक यंग बने रह पाएंगे। हर रोज बादाम खाने की आदत डालिए। बादाम में विटामिन , मिनरल और एंटी - एजिंग फैट्स होते हैं और इसे खाने से भूख भी चली जाती है। ओवर ईटिंग की सिचुएशन न आने दें।
साभार - नभाटा

रविवार, अगस्त 29, 2010

चकोतरा खाएं...वजन घटाएं


चकोतरा यानी ग्रेप फ्रूट विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें नींबू और संतरे के सभी गुण मिलते हैं। यह वजन घटाने में मददगार होता है। इसमें विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसे लंच में सलाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इसे खाने से आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे। यह डायबिटीज पर नियंत्रण रखने में मददगार साबित होता है। हाल ही में हुए शोध के मुताबिक चकोतरे में नारिंगगेनिन नामक एंटीआक्सीडेंट होता है। यह मधुमेह टाइप-दो के उपचार में इस्तेमाल हो रही दवाओं के निर्माण में काम में लाया जा रहा है।
इसके अन्य फायदों में शामिल हैं....
- यह पाचन में मददगार होता है।
- इसे खाने से त्वचा में चमक आती है।
- लिवर के लिए यह रामबाण है।
- यह ट्यूमर और कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे को कम करता है।
- चकोतरे का जूस वसारहित होता है। इस कारण वजन को नियंत्रित करने का कुदरती माध्यम है।

गुरुवार, अगस्त 12, 2010

आलस्य बुरी आदत नहीं बीमारी है.......


यदि आप सोचते हैं कि आलस्य केवल एक बुरी आदत है तो जरा फिर से विचार करें क्योंकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे बुरी आदत नहीं बल्कि एक बीमारी की संज्ञा देते हैं। इंपीरियल कॉलेज, लंदन और यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन की एक टीम का कहना है कि शारीरिक निष्क्रियता को बीमारी की श्रेणी में रखा जाना चाहिए, क्योंकि निष्क्रियता और खराब स्वास्थ्य में मजबूत संबंध है।

इंपीरियल कॉलेज, लंदन के डॉ. रिचर्ड वीलर ने कहा, 'हम इस बात का प्रस्ताव रखते हैं कि शारीरिक निष्क्रियता को बीमारी के तौर पर मानना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मोटापे को भी बीमारी की श्रेणी में रखा है और यह भी प्राय: व्यायाम नहीं करने का नतीजा होता है।' यह जानकारी जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित की गई है। ..इसलिए अगर आपको आलस्य ने परेशान कर रखा है तो संभल जाइए..क्योंकि कहीं आप अन्जाने में किसी बीमारी के मरीज तो नहीं बन रहे.....
साभार – एनबीटी

मंगलवार, अगस्त 10, 2010

लंबी उम्र देने वाले चमत्कारिक पौधे के मिलने का दावा !


अनादि काल से देवी-देवताओं एवं मुनियों को चिरायु बनाने और उन्हें बल प्रदान करने वाला पौधा रीवा के जंगलों में होने का दावा किया गया है। सैकड़ों वर्ष पहले पृथ्वी से विलुप्त हो चुके सोमवल्ली नामक इस दुर्लभ पौधे को लेकर वन विभाग का दावा है कि सोमवल्ली पौधा पूरी दुनिया में अब कहीं नहीं है।
मध्यप्रदेश में रीवा जिले के घने जंगल के बीच मिले इस पौधे को वन विभाग की नर्सरी में रोपित कर उस पर अनुसंधान किया जा रहा है। हजारों वर्ष पुराने इस विलुप्त पौधे के बारे में अब भले ही कहीं उल्लेख नहीं मिलता, लेकिन प्राचीन ग्रंथों एवं वेदों में इसके महत्व एवं उपयोगिता का व्यापक उल्लेख है।
प्राचीन ग्रंथों व वेद पुराणों में सोमवल्ली पौधे के बारे में कहा गया है कि इस पौधे के सेवन से शरीर का कायाकल्प हो जाता है। देवी देवता व मुनि इस पौधे के रस का सेवन अपने को चिरायु बनाने एवं बल सार्मथ्य एवं समृद्धि प्राप्त करने के लिए किया करते थे। हालांकि सोमवल्ली पौधे के साथ कई अन्य दुर्लभ पौधे हैं, जिनका रस मिलाकर गुणकारी औषधियां बनाई जाती हैं, लेकिन इन पौधों के बारे में किसी को जानकारी नहीं है। रीवा के पूर्व मुख्य वन संरक्षक पी. सी. दुबे ने जिले के जंगल में इस पौधे को देखा और फिर उसके बारे में गहन अध्ययन किया। उन्होंने इस दौरान सैकड़ों वर्ष पुराने ग्रंथों और वेदों का भी सहारा लिया, तब इस पौधे की उपयोगिता सामने आई। दुबे ने बताया कि यह पौधा पृथ्वी से पूरी तरह विलुप्त हो चुका है। सामाजिक वानिकी रीवा की नर्सरी में लाए गए इस विलुप्त पौधे को वन विभाग द्वारा एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सोमवल्ली के पौधे को सुरक्षित ढंग से रोपित कर उसका संरक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस पौधे की खासियत है कि इसमें पत्ते नहीं होते। यह पौधा सिर्फ डंठल के आकार में लताओं के समान है। हरे रंग के डंठल वाले इस पौधे को नर्सरी में बेहद सुरक्षित ढंग से रखा गया है। साथ ही, जिले के जिस जंगल में यह पौधा मिला था, उसकी भी सुरक्षा की जा रही है।
उन्होंने बताया कि सोमवल्ली पौधा सैकड़ों वर्ष पहले विलुप्त हो चुका था, लेकिन जिले के जंगल में इसका मिलना विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस पौधे को लेकर रिसर्च एवं अनुसंधान की तैयारी की जा रही है, ताकि इसके बारे में वह सभी जानकारी सामने आ सके जो अभी पता नहीं है।
साभार - एनबीटी

रविवार, अगस्त 08, 2010

फिटनेस का फंडा



बॉलीवुड फिटनेस ट्रेनर सत्यजीत चौरसिया ने ढेर सारे फिल्म स्टार्स को फिटनेस ट्रेनिंग दी है। आईए पेश करते हैं इन्हीं के बताए गए फिटनेस के वही दस टिप्स, जो वे तमाम सिलेब्रिटीज को देते आए हैं :


1. ब्रेकफस्ट कभी मिस न करें। सुबह उठने के बाद दो घंटे के अंदर नाश्ता जरूर कर लें। नाश्ता आप हैवी भी ले सकते हैं।
2. हर दो-तीन घंटे के बाद कुछ न कुछ खाएं। चाहे वह दो बिस्कुट हो, चार-पांच बादाम हो, एक केला हो या फिर कोई फ्रूट। ये सब भी छोटे मील में काउंट होते हैं। बस, ध्यान रखें कि ये छोटे मील फ्राइड या स्वीट न हों।
3. लंच समय पर करें। सबसे बड़ी बात यह है कि रोटी या चावल को मिक्स न करें। एक वक्त में या तो रोटी ही खाएं या फिर चावल।
4. अपनी डायट में से फ्राइड और मीठा निकाल देंगे, तो तीन महीने में चार से पांच किलो वजन बैठे बिठाए ही कम हो जाएगा, इसके लिए आपको एक्सरसाइज करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
5. अगर जिंदगी भर फिट रहना चाहते हैं, तो हफ्ते में कम से कम चार बार सुबह पंद्रह मिनट एक्सरसाइज जरूर करें। अगर यह नहीं हो पाता है, तो आसपास ही कहीं पंद्रह मिनट का ब्रिस्क वॉक लें। ध्यान रखें कि वॉक के लिए जाते वक्त और वापस आते वक्त लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
6. मैदा न खाएं। बटर नान खाने की बजाय रोटी खाएं। मैदे से बना कोई भी आइटम अपनी डायट में शामिल न करें, क्योंकि इन्हें पचाने में मुश्किल होती है और ये हेल्दी भी नहीं होते।
7. खाने की शुरुआत एक बाउल सलाद से करें। उसके बाद जितनी भूख हो, उतना ही खाएं। खाने के आधे घंटे बाद एक गिलास छाछ जरूर पिएं।
8. रात का खाना बहुत हल्का होना चाहिए। रात को दो चपाती से ज्यादा न खाएं। हो सके तो 8 बजे से पहले ही अपना डिनर खत्म कर लें।
9. हो सकता है कि रोज जिम जाना-आना आपको समय की बर्बादी लगे, लेकिन ऐसा है नहीं। हालांकि यह जरूरी नहीं कि आप जिम में जाकर ही एक्सरसाइज करें। चाहे योगा हो, डांस हो या फिर कोई भी एक्सरसाइज, ये सब आपको हफ्ते में कम से कम चार बार जरूर करनी चाहिए।
10. चार मिनट की यह एक्सरसाइज मैंने ईजाद की है और सभी को यह करने की सलाह भी देता हूं। इसके तहत रोज पांच सूर्य नमस्कार, दस पुश अप्स और दस बैठक करें। यह महिला और पुरुष दोनों कर सकते हैं। इसे करने में सिर्फ चार मिनट ही लगते हैं, साथ ही आप यह एक्सरसाइज दिन में किसी भी वक्त कर सकते हैं। तीन महीने लगातार इसे करने से फर्क आपकी आंखों के सामने होगा।
साभार - एनबीटी

गुरुवार, अगस्त 05, 2010

बरसात में जुल्फों का रखें ख्याल


बारिश में भीगना आप कितना ही एंजॉय करें, लेकिन कुछ परेशानियां यह सीजन ऐसी लेकर आता है, जिससे बच पाना बहुत मुश्किल है। ऐसी ही एक प्रॉब्लम है कि बालों की। दरअसल, इस सीजन में बाल रफ व ड्राई हो जाते हैं, जिससे से आसानी से सेट नहीं होते। बावजूद इसके, इस सीजन में डिफरेंट हेयर स्टाइल, स्प्रे और जेल को अवॉइड करना चाहिए। इसके अलावा, गीले बालों को टाइट नहीं बांधना चाहिए, वरना बाल टूटने लगते हैं और इनमें डैंड्रफ तक हो जाती है।
वैसे, इस मौसम में आपको अच्छा और शॉर्ट हेयर स्टाइल प्रिफर करना चाहिए, क्योंकि छोटे बाल आसानी से मैनेज हो जाते हैं। हेयर स्टाइल ऐसा होना चाहिए, जो आपके फेस पर सूट करे और आपको एक परफेक्ट लुक दे। अगर आपका रंग फेयर है, तो शॉर्ट ब्लोंड पाटीर् हेयर कट आपको गॉजिर्यस लुक देगा। गौरतलब है कि इस तरह का हेयर कट बोल्ड और वसेर्टाइल महिलाओं को एक कॉन्फिडेंट लुक देता है। ट्रिकी लेयर हेयर कट बारिश की वजह से रफ व ड्राई हो गए बालों को स्ट्रेट व अटैक्टिव लुक देता है, वहीं चिन शॉर्ट मोवक हेयर स्टाइल बालों की उलझन दूर करके इन्हें आकर्षक बनाएगा। वैसे, ये सभी हेयर स्टाइल आसानी से मैनेज होने वाले हैं और इस सीजन में आपको एक स्मार्ट लुक भी देंगे।
चिन शॉर्ट मोवक हेयर स्टाइल और लेयर कट, इस सीजन में बालों को अट्रैक्टिव लुक देने के साथ इसकी बहुत सारी परेशानियों को भी दूर करते हैं। इनके साथ आपको बालों में रेग्युलर प्रेसिंग करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी। ध्यान रखें कि कुछ हॉट ट्रीटमेंट्स इस मौसम में बालों को पर्मानेंट डैमेज भी कर सकते है।
बारिश के मौसम एक बात और ध्यान रखने वाली है कि इस दौरान बालों को कम से कम धोना चाहिए। बालों को डैमेज होने से बचाने के लिए एक आप अच्छा कंडीशनर यूज करें। वैसे, बालों को सॉफ्ट व सिल्की बनाने के लिए सीरम भी लगाया जा सकता है। माइल्ड शैंपू और कंडिशनर का सही व रेग्युलर यूज आपके बालों की खोई नमी लौटा सकता है। चूंकि इस सीजन में बालों में डैंड्रफ के अलावा स्काल्प में इंफेक्शन भी हो सकता है, इसलिए बालों पर एक्स्ट्रा ध्यान देना जरूरी है। ऐसे में गीले बालों को तौलिए से रगड़कर न पोंछें और बारिश में भीगने पर अच्छे शैंपू से बालों को धोएं। हफ्ते में एक बार मेडिकेटेड शैंपू लगाना भी ठीक रहेगा।

मंगलवार, अगस्त 03, 2010

पेट्स आर बेस्ट फॉर हेल्थ


मन बहलाने के साथ-साथ पेट्स हेल्थ के लिए भी फायदेमंद होते हैं। स्ट्रेस व डिप्रेशन से बाहर निकलाकर यह आपको कई दिक्कतों से बचाते हैं: पेट्स इंसानों के बेहतरीन दोस्त होते हैं। आपके हर पल और सुख-दुख में साथ निभाने वाला यह जानवर आपके जीवन में कई तरह पॉजिटिव रोल निभाता है। रिसर्च से यह साबित हो चुका है कि घर में पेट्स रहने से माहौल खुशनुमा बना रहता है और नेगेटिविटी से इंसान दूर रहता है। यह न केवल स्ट्रेस को कम करता है, बल्कि कई बड़ी दिक्कतों में भी आपको सुकून देता है।
मूड को रखे ठीक
मूड को ठीक बनाने में पेट्स बहुत काम आते हैं। आप कितने भी खराब मूड में घर पहुंचें, अगर घर में कोई जानवर है, तो उसे देखते ही आपका मूड ठीक हो जाएगा। यही नहीं, यह आपकी खुशियों में भी इजाफा करता है। रिसर्च के मुताबिक, अगर आप स्ट्रेस में हैं और घर लौटकर पेट्स के साथ समय बिताते हैं, तो तकरीबन 15 मिनट में ही स्ट्रेस व डिप्रेशन बहुत हद तक कम हो जाता है। यही नहीं, एड्स व अल्जाइमर से पीड़ित लोगों की लाइफ में भी पालतू जानवर पॉजिटिव रोल निभाता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घर में पेट्स की मौजूदगी फिजिकल तौर पर भी कई तरह के पॉजिटिव बदलाव लाती है। कॉलेस्ट्रॉल और हॉर्मोंस लेवल को ठीक रखने रखने में भी पेट्स काम आते हैं। हेल्थ के अलावा, ये आपका सोशल सर्कल भी बढ़ाते हैं। दरअसल, जब आप अपने पालतू जानवर को लेकर बाहर निकलते हैं, तो खुद ब खुद दूसरे पेट्स के ओनर्स से अपने-अपने पेट्स और अन्य मुद्दों पर बातचीत करने लगते हैं, जो आपका सामाजिक दायरा बढ़ाता है।
ब्लड शुगर कंट्रोल
अगर आपने कुत्ता या बिल्ली पाली हुई है, तो आपको अपने ब्लड शुगर को चेक करवाने की जरूरत नहीं है। दरअसल, ब्लड शुगर को मैनेज करने में ये जानवर आपकी खूब मदद करते हैं। ब्लड प्रेशर बढ़ने के बाद होने वाली टेंशन से अगर आप बचना चाहते हैं, तो अपने पेट्स के साथ कुछ पल बिताकर आप सुकून महसूस करेंगे। यही नहीं, यह धैर्य बनाए रखने में तो मदद करता ही है, आपको शॉर्ट टेंपर्ड होने से भी बचाता है।
एक्सरसाइज करने का बहाना
अगर आप एक्सरसाइज करने से बचते हैं, तो घर में कोई जानवर पालें। एक्सरसाइज को रुटीन में लाने के लिए पालतू जानवर काफी काम आते हैं। उसे घुमाने के लिए आपको दिनभर में दो बार तो बाहर निकलना ही पड़ता है, ऐसे में आपकी रोजाना अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है। यही नहीं, एक्सरसाइज के लिए मोटिवेट करने में भी ये बेहद फायदेमंद हैं। बता दें कि अगर आप रोजाना 30 मिनट के लिए अपने पालतू के साथ बाहर निकलते हैं, तो आप गठिया और दूसरी कई बीमारियों से बचे रह सकते हैं। अगर आप अपने पालतू के साथ केवल 10 से 15 मिनट खेलने में बिताएं, तो भी आपको जबर्दस्त फायदा होता है। सुबह-सुबह आपको अपने पालतू को रोजमर्रा के रूटीन के लिए घुमाने के लिए ले जाना पड़ता है, तो इससे आपकी हड्डियां मजबूत बनेंगी। दरअसल, सुबह के समय की सूरज की किरणें आपको विटामिन डी देती हैं।
अकेलेपन से छुटकारा
घर में जानवर रहने से आपको अकेलेपन की कमी नहीं खलती। खासतौर पर अगर आप बैचलर हैं, तो घर में उसकी मौजूदगी आपको अकेलेपन से निजात दिलाएगी। दरअसल, पेट्स हमेशा मालिक से चिपककर लेटता है, जो आपको अपनेपन का अहसास दिलाता है। यही नहीं, इसका प्यार आपके लिए अनकंडिशनल होता है। आपको अच्छी तरह अंडरस्टैंड करने के साथ-साथ यह आपके मूड को भी समझता है।
एलर्जी से बचाव
माना जाता है कि घर में पेट्स एलर्जी व इंफेक्शन होने का कारण होते हैं। लेकिन रिसर्च से साबित हो चुका है कि घर में पेट्स के रहने से एलर्जी होने के चांस बेहद कम हो जाते हैं। यह आपका इम्यून सिस्टम भी फिट बनाए रखता है और आपके लिए कई तरह से फायदेमंद होता है।
लाइफ गार्ड
ट्रेंड डॉग्स बीमार व्यक्ति को जल्दी रिकवर करने के साथ ही ब्लाइंड और हैंडीकैंप लोगों की मदद में भी काम आते हैं। जाहिर है, पेट्स आपकी लाइफ में अहम भूमिका निभाते हैं। बस अगर रोजाना इन्हें अपना कुछ समय दें, तो वे आपके अच्छे दोस्त बन सकते हैं।

साभार - एनबीटी