रविवार, नवंबर 07, 2010

डिप्रेशन से बचने के लिए लें विटामिन्स


स्ट्रोक का शिकार हो चुके और नियमित रूप से विटामिंस लेने वाले लोगों के डिप्रेशन की चपेट में आने की कम आशंका होती है। यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया की अगुवाई में एक इंटरनैशनल रिसर्च टीम ने अपनी स्टडी में यह दावा किया है।
टीम का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब शोधकर्ता स्ट्रोक के बाद पैदा होने वाले डिप्रेसिव सिंपटर्म्स के खतरे को स्पष्ट तौर पर कम करने के बारे में किसी नतीजे पर पहुंचे हैं। टीम की अगुवाई करने वाली प्रफेसर स्वाल्डो एलमिडा ने कहा कि पिछले शोध से यह संकेत मिला था कि डिप्रेशन से बचने में कुछ विटामिंस की भूमिका हो सकती है। हालांकि हमने पाया कि स्ट्रोक के बाद नियमित रूप से फोलिक एसिड, विटामिन बी6 और बी12 लेने वालों के डिप्रेशन का शिकार होने की आशंका आधी रह गई थी। उन्होंने कहा कि स्ट्रोक का शिकार हर तीन में से एक शख्स डिप्रेशन का मरीज है। उस लिहाज से यह एक महत्वपूर्ण खोज है।
साभार - एनबीटी

फूलगोभी दूर भगाए कैंसर


क्या आप कैंसर से दूर रहना चाहते हैं? वैज्ञानिकों का कहना है कि इसके लिए रोजाना फूलगोभी खाइए। ब्रिटिश वैज्ञानिकों की एक टीम ने पता लगाया है कि फूलगोभी की एक खास किस्म कैंसर और दूसरी जानलेवा बीमारियों को दूर भगाती है।
यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट ऐंग्लिया के वैज्ञानिक 26 साल तक काम करने के बाद इस नतीजे पर पहुंचे हैं। वहां एक खास प्रजाति की फूलगोभी की खेती की जाती है। इटली से लाई गई कुछ फूलगोभियों से इनकी ब्रीडिंग शुरू की गई और इससे ही आखिरकार फूलगोभी की नई वराइटी विकसित की गई, जो दिल की बीमारी से भी लड़ सकती है।
साभार - एनबीटी

बुधवार, अक्टूबर 13, 2010

जवान बने रहने के नुस्खे


लंबे समय तक यंग बने रहने की चाह हर किसी की होती है। लोगों की इसी चाह को पूरा करने के लिए कंपनियां यंग बनाए रखने वाले कई तरह के इंजेक्शन व सर्जरी समय- समय पर प्रेजेंट करती रहती हैं। इसी कड़ी में हाल ही में एक ऐसी दवा ईजाद की गई है, जो आपको लंबे समय तक यंग बनाए रख सकती है।
दो साल बाद बढ़ती उम्र आपकी मुट्ठी में होगी। आप सोच रहे होंगे कि आखिर कैसे? तो हम आपको बता दें कि साल 2012 तक बढ़ती उम्र को रोकने के लिए आपको किसी पैक या इंजेक्शन लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि आपको यंग बनाए रखने वाली दवाएं आपके आसपास केमिस्ट की दुकानों में ही मिलनी शुरू हो जाएंगी। होली ग्रैलेन नाम की इस पिल को बनाने वाले मास्को यूनिवर्सिटी के प्रफेसर ब्लादीमिर स्कुलाचेव का कहना है कि यह दवा बॉडी सेल्स पर ऑक्सिजन के डैमेजिंग इफेक्ट को रोककर रखती है। इससे बढ़ती उम्र के साथ आने वाली बीमारियां आपके पास नहीं फटकती, जिससे जाहिर है कि आप लंबे समय तक यंग बने रह सकते हैं।
नोबेल प्राइज विनर डॉ. गुंटर ब्लोबेल का मनाना है कि बढ़ती उम्र के लिए ऑक्सिडेटिव डैमेज बड़ा फैक्टर है और अभी तक ऐसा एंटी- ऑक्सीडेंट डिवेलप नहीं किया गया था। असल में हमारे शरीर में जो सेल्स हैं, उन्हें एनर्जी एक्सचेंज प्रोसेस के दौरान ऑक्सिजन की जरूरत पड़ती है। लेकिन ऑक्सिजन शुद्ध होना बेहद जरूरी है, क्योंकि अगर यह ऐक्टिव या जहरीले फॉर्म में होगी, तो सेल्स को नष्ट भी कर सकती है। दरअसल, नेचरल एंटी- ऑक्सीडेंट्स इस प्रोसेस को स्लो तो कर डालते हैं, लेकिन इसका कोई लंबा प्रभाव नहीं रहता।
वहीं स्कुलाचेव के मुताबिक, 99 पर्सेंट मौकों पर ऑक्सिजन हार्मलेस वॉटर में बदल जाता है, लेकिन मात्र 1 पर्सेंट सुपर- ऑक्साइड में बदलता है और यही बाद में नुकसानदेह बन जाता है। इसीलिए किसी ऐसे एंटी- ऑक्सीडेंट को ढूंढने की जरूरत थी, जो इस प्रोसेस को रोक सके। पूरे 40 सालों की कड़ी मेहनत के बाद उन्होंने खास एंटी- ऑक्सीडेंट्स क्रिएट किए और इन्हें 'स्कुलाचेव्स आयन्स' नाम दिया। ये हमारे सेल्स के भीतर के ऑक्सिजन के डैंजरस फॉर्म को न्यूट्रलाइज कर देते हैं। स्कुलाचेव का कहना है कि किसी तरह के साइड इफेक्ट से बचाने की कोशिश इस प्रोसेस का सबसे मुश्किल हिस्सा है। इसलिए वह क्लिनिकल टेस्टिंग को दो साल और देना चाहते हैं। इसमें हिस्सा लेने के लिए हजारों लोगों ने खुद को रजिस्टर कराया है।
खैर , किसी चमत्कारी मेडिसिन की तलाश अलग बात है और अगर ऐसी दवाई खोज भी ली गई , तो वह कितनों तक पहुंच पाएगी , यह सोचने की बात है ! फिर क्यों न हम कोई ऐसा उपाय तलाशें , जो हम सबके वश में हो। आइए आपको बताते हैं कुछ ऐसे कारगर टिप्स , जो आपको लंबे समय तक यंग बनाए रख सकते हैं :
खुश रहें
एक स्टडी के बाद पता चला है कि अगर आप खुश रहते हैं तो किसी गंभीर बीमारी के हो जाने के बाद भी जल्दी ठीक हो सकते हैं। सीनियर फिजीशियन डॉ . वरुण मेहरा बताते हैं , ' आपका स्ट्रेस लेवल आपकी इम्यूनिटी को सीधा प्रभावित करता है। अपनी जिंदगी में उन चीजों की जगह बनाइए , जिनका साथ आप पसंद करते हैं। मेडिटेशन और एक्सरसाइज कीजिए , इससे तनाव कम होता है। हंसने का कोई भी मौका मत चूकिए , क्योंकि त्यौरियां चढ़ाने से स्किन में रिंकल्स पड़ जाते हैं।
फल - सब्जियां खाएं
रिसर्च से साबित हो गया है कि टॉक्सिंस और मेटाबॉलिज्म की वजह से हुआ ऑक्सीडेटिव डैमेज सेल्युलर लेवल पर एजिंग प्रोसेस को बढ़ावा देता है। लेकिन हाई एंटीऑक्सीडेंट्स फूड्स हमें इससे बचाते हैं। इसलिए खूब सारी सब्जियां और फल अपनी डाइट में शामिल करें। फलों से मिलनेवाले विटामिन सी से स्किन यंग बनी रहती है और आप डिहाइड्रेशन से भी बचे रहते हैं। याद रखिए कि यही काम फूड सप्लीमेंट्स नहीं कर सकते।
शुगर को ना - ना
अगर आपको शुगर है , तो उसे एक्सरसाइज और डाइट से कंट्रोल करके चलें। अगर शुगर का बैलेंस नहीं रह पाता है , तो इसका सीधा असर आपकी उम्र पर पड़ता है।
नींद हो पूरी
कितने घंटे सोया जाए , यह हर इंसान के लिए अलग हो सकता है। लेकिन 6 से 8 घंटे की नींद सबके लिए जरूरी है। लेकिन दिनभर खर्राटे भरना भी ठीक नहीं है। क्योंकि रिसर्च के बाद यह भी साबित हो गया कि ज्यादा सोने से उम्र घटती है।
सनस्क्रीन प्रोटेक्शन
बिना सनस्क्रीन और सनग्लासेज के खुली धूप में मत घूमिए। दरअसल , यूवी रेडिएशन आपकी स्किन के लिए बेहद नुकसानदेह होती हैं।
धुएं में न उड़ाएं
स्मोकिंग कम उम्र में आपको एजेड दिखाने लगता है। यही नहीं , यह उम्र को भी कम कर देता है। इसलिए प्राइमरी या सेकंडरी - किसी भी लेवल पर स्मोकिंग से दूरी बनाकर रखिए।
मेंटल एक्सरसाइज
आपको यंग बनाए रखने में मेंटल कंडिशन का रोल अहम होता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप सारा दिन क्रॉसवर्ड और पजल्स में उलझें रहें। न्यूरोसाइंटिस्ट और कॉग्निटिव एजिंग स्पेशलिस्ट डॉ . एडम गैजली का कहना है कि 60 की उम्र के बाद भी अगर आप ट्रैवलिंग और नई लैंग्वेज सीखने को इंजॉय करते हैं , तो मेंटली फिट रहते हैं।
ऑलिव ऑयल
इसमें हेल्दी फैट्स होते हैं। बैड फैट्स से बचने और हेल्दी हार्ट के लिए इसे आज ही अपनी डाइट में शामिल करें।
टीवी से दुश्मनी
कोई न कोई शो सबको पसंद होता है। लेकिन अगर आप हफ्ते में कम से कम पांच घंटे टीवी देखते हैं और सोफे में ही चिपके रहते हैं , तो आप सोच सकते हैं कि आपके हेल्थ की क्या हालत होगी। हालत ठीक नहीं होगी , तो नैचरल आप भी फिट नहीं रह सकते।
राइट डाइट
साबुत अनाज खाइए। अंकुरित दालें हेल्थी रहने के लिए बेहतर ऑप्शन है। हेल्थ ठीक रहेगी , तो नैचरल आप लंबे समय तक यंग बने रह पाएंगे। हर रोज बादाम खाने की आदत डालिए। बादाम में विटामिन , मिनरल और एंटी - एजिंग फैट्स होते हैं और इसे खाने से भूख भी चली जाती है। ओवर ईटिंग की सिचुएशन न आने दें।
साभार - नभाटा

रविवार, अगस्त 29, 2010

चकोतरा खाएं...वजन घटाएं


चकोतरा यानी ग्रेप फ्रूट विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें नींबू और संतरे के सभी गुण मिलते हैं। यह वजन घटाने में मददगार होता है। इसमें विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसे लंच में सलाद के रूप में उपयोग किया जा सकता है। इसे खाने से आप खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे। यह डायबिटीज पर नियंत्रण रखने में मददगार साबित होता है। हाल ही में हुए शोध के मुताबिक चकोतरे में नारिंगगेनिन नामक एंटीआक्सीडेंट होता है। यह मधुमेह टाइप-दो के उपचार में इस्तेमाल हो रही दवाओं के निर्माण में काम में लाया जा रहा है।
इसके अन्य फायदों में शामिल हैं....
- यह पाचन में मददगार होता है।
- इसे खाने से त्वचा में चमक आती है।
- लिवर के लिए यह रामबाण है।
- यह ट्यूमर और कैंसर जैसी बीमारियों के खतरे को कम करता है।
- चकोतरे का जूस वसारहित होता है। इस कारण वजन को नियंत्रित करने का कुदरती माध्यम है।

गुरुवार, अगस्त 12, 2010

आलस्य बुरी आदत नहीं बीमारी है.......


यदि आप सोचते हैं कि आलस्य केवल एक बुरी आदत है तो जरा फिर से विचार करें क्योंकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे बुरी आदत नहीं बल्कि एक बीमारी की संज्ञा देते हैं। इंपीरियल कॉलेज, लंदन और यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन की एक टीम का कहना है कि शारीरिक निष्क्रियता को बीमारी की श्रेणी में रखा जाना चाहिए, क्योंकि निष्क्रियता और खराब स्वास्थ्य में मजबूत संबंध है।

इंपीरियल कॉलेज, लंदन के डॉ. रिचर्ड वीलर ने कहा, 'हम इस बात का प्रस्ताव रखते हैं कि शारीरिक निष्क्रियता को बीमारी के तौर पर मानना चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मोटापे को भी बीमारी की श्रेणी में रखा है और यह भी प्राय: व्यायाम नहीं करने का नतीजा होता है।' यह जानकारी जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित की गई है। ..इसलिए अगर आपको आलस्य ने परेशान कर रखा है तो संभल जाइए..क्योंकि कहीं आप अन्जाने में किसी बीमारी के मरीज तो नहीं बन रहे.....
साभार – एनबीटी

मंगलवार, अगस्त 10, 2010

लंबी उम्र देने वाले चमत्कारिक पौधे के मिलने का दावा !


अनादि काल से देवी-देवताओं एवं मुनियों को चिरायु बनाने और उन्हें बल प्रदान करने वाला पौधा रीवा के जंगलों में होने का दावा किया गया है। सैकड़ों वर्ष पहले पृथ्वी से विलुप्त हो चुके सोमवल्ली नामक इस दुर्लभ पौधे को लेकर वन विभाग का दावा है कि सोमवल्ली पौधा पूरी दुनिया में अब कहीं नहीं है।
मध्यप्रदेश में रीवा जिले के घने जंगल के बीच मिले इस पौधे को वन विभाग की नर्सरी में रोपित कर उस पर अनुसंधान किया जा रहा है। हजारों वर्ष पुराने इस विलुप्त पौधे के बारे में अब भले ही कहीं उल्लेख नहीं मिलता, लेकिन प्राचीन ग्रंथों एवं वेदों में इसके महत्व एवं उपयोगिता का व्यापक उल्लेख है।
प्राचीन ग्रंथों व वेद पुराणों में सोमवल्ली पौधे के बारे में कहा गया है कि इस पौधे के सेवन से शरीर का कायाकल्प हो जाता है। देवी देवता व मुनि इस पौधे के रस का सेवन अपने को चिरायु बनाने एवं बल सार्मथ्य एवं समृद्धि प्राप्त करने के लिए किया करते थे। हालांकि सोमवल्ली पौधे के साथ कई अन्य दुर्लभ पौधे हैं, जिनका रस मिलाकर गुणकारी औषधियां बनाई जाती हैं, लेकिन इन पौधों के बारे में किसी को जानकारी नहीं है। रीवा के पूर्व मुख्य वन संरक्षक पी. सी. दुबे ने जिले के जंगल में इस पौधे को देखा और फिर उसके बारे में गहन अध्ययन किया। उन्होंने इस दौरान सैकड़ों वर्ष पुराने ग्रंथों और वेदों का भी सहारा लिया, तब इस पौधे की उपयोगिता सामने आई। दुबे ने बताया कि यह पौधा पृथ्वी से पूरी तरह विलुप्त हो चुका है। सामाजिक वानिकी रीवा की नर्सरी में लाए गए इस विलुप्त पौधे को वन विभाग द्वारा एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। सोमवल्ली के पौधे को सुरक्षित ढंग से रोपित कर उसका संरक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस पौधे की खासियत है कि इसमें पत्ते नहीं होते। यह पौधा सिर्फ डंठल के आकार में लताओं के समान है। हरे रंग के डंठल वाले इस पौधे को नर्सरी में बेहद सुरक्षित ढंग से रखा गया है। साथ ही, जिले के जिस जंगल में यह पौधा मिला था, उसकी भी सुरक्षा की जा रही है।
उन्होंने बताया कि सोमवल्ली पौधा सैकड़ों वर्ष पहले विलुप्त हो चुका था, लेकिन जिले के जंगल में इसका मिलना विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस पौधे को लेकर रिसर्च एवं अनुसंधान की तैयारी की जा रही है, ताकि इसके बारे में वह सभी जानकारी सामने आ सके जो अभी पता नहीं है।
साभार - एनबीटी

रविवार, अगस्त 08, 2010

फिटनेस का फंडा



बॉलीवुड फिटनेस ट्रेनर सत्यजीत चौरसिया ने ढेर सारे फिल्म स्टार्स को फिटनेस ट्रेनिंग दी है। आईए पेश करते हैं इन्हीं के बताए गए फिटनेस के वही दस टिप्स, जो वे तमाम सिलेब्रिटीज को देते आए हैं :


1. ब्रेकफस्ट कभी मिस न करें। सुबह उठने के बाद दो घंटे के अंदर नाश्ता जरूर कर लें। नाश्ता आप हैवी भी ले सकते हैं।
2. हर दो-तीन घंटे के बाद कुछ न कुछ खाएं। चाहे वह दो बिस्कुट हो, चार-पांच बादाम हो, एक केला हो या फिर कोई फ्रूट। ये सब भी छोटे मील में काउंट होते हैं। बस, ध्यान रखें कि ये छोटे मील फ्राइड या स्वीट न हों।
3. लंच समय पर करें। सबसे बड़ी बात यह है कि रोटी या चावल को मिक्स न करें। एक वक्त में या तो रोटी ही खाएं या फिर चावल।
4. अपनी डायट में से फ्राइड और मीठा निकाल देंगे, तो तीन महीने में चार से पांच किलो वजन बैठे बिठाए ही कम हो जाएगा, इसके लिए आपको एक्सरसाइज करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।
5. अगर जिंदगी भर फिट रहना चाहते हैं, तो हफ्ते में कम से कम चार बार सुबह पंद्रह मिनट एक्सरसाइज जरूर करें। अगर यह नहीं हो पाता है, तो आसपास ही कहीं पंद्रह मिनट का ब्रिस्क वॉक लें। ध्यान रखें कि वॉक के लिए जाते वक्त और वापस आते वक्त लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
6. मैदा न खाएं। बटर नान खाने की बजाय रोटी खाएं। मैदे से बना कोई भी आइटम अपनी डायट में शामिल न करें, क्योंकि इन्हें पचाने में मुश्किल होती है और ये हेल्दी भी नहीं होते।
7. खाने की शुरुआत एक बाउल सलाद से करें। उसके बाद जितनी भूख हो, उतना ही खाएं। खाने के आधे घंटे बाद एक गिलास छाछ जरूर पिएं।
8. रात का खाना बहुत हल्का होना चाहिए। रात को दो चपाती से ज्यादा न खाएं। हो सके तो 8 बजे से पहले ही अपना डिनर खत्म कर लें।
9. हो सकता है कि रोज जिम जाना-आना आपको समय की बर्बादी लगे, लेकिन ऐसा है नहीं। हालांकि यह जरूरी नहीं कि आप जिम में जाकर ही एक्सरसाइज करें। चाहे योगा हो, डांस हो या फिर कोई भी एक्सरसाइज, ये सब आपको हफ्ते में कम से कम चार बार जरूर करनी चाहिए।
10. चार मिनट की यह एक्सरसाइज मैंने ईजाद की है और सभी को यह करने की सलाह भी देता हूं। इसके तहत रोज पांच सूर्य नमस्कार, दस पुश अप्स और दस बैठक करें। यह महिला और पुरुष दोनों कर सकते हैं। इसे करने में सिर्फ चार मिनट ही लगते हैं, साथ ही आप यह एक्सरसाइज दिन में किसी भी वक्त कर सकते हैं। तीन महीने लगातार इसे करने से फर्क आपकी आंखों के सामने होगा।
साभार - एनबीटी